Dr.Sunil Kumar

Homoeopathic physician
Naturopathy,Acupressure,yoga,Herbal & Reiki Consultant For Chronic & Incurable disease

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About Urine & Stool Discharge..............

Posted by Dr.Sunil Kumar on February 2, 2012 at 1:50 AM

योग एवं आयुर्वेद की श्रृंखला में गतांक से आगे --

1-मूत्र का वेग रोकने से रक्त के सारे विकार शरीर में आयेंगे शरीर में दबाव बढ़ता है |मॉल का वेग रोकने से गैस की समस्या ,पेट में दर्द ,सर में दर्द ,चक्कर आना जैसे रोगों का जन्म होता है |

2-पानी हमेशा कम surface tention वाले पात्र का ही पीना चाहिए शरीर को फायदा होता है इससे |पहले के ज़माने में लोटे से पानी पीने का प्रचलन था जो की वैज्ञानिक था ,कुंवे का पानी, तालाब का पानी ,अधिक स्वस्थ्प्रद होता है क्योंकि इनका surface tention आकारगत कम होता है |

http://www.youtube.com/watch?v=AavZsmWh4hU&feature=related

3-पानी का सबसे बड़ा गुण है शरीर की सफाई करना |बड़ी आँत एवं छोटी आँत के बीच में membrane होती है ,कचड़ा वहीँ जाकर फंसता है|जब surface tention कम वाला (लोटे इत्यादि का )पानी पियेंगे तो वहाँ की सफाई जल्दी और ज्यादा होगी |कम surface tention वाला पानी पीने से छोटी आँत और बड़ी आँत का S.T.कम हो जाता है और वो खुल जाती हैं और शरीर का कचड़ा बाहर निकल जाता है जो मल के रूप में होता है |

4-EXAMPLE--

दूध का SURFACE TENTION सबसे कम होता है |जब हम दूध से त्वचा को साफ़ करते हैं तो काला रंग निकलता है जो शरीर की गंदगी होती है |दूध त्वचा का SUR. TEN. कम कर देता है और त्वचा खुल जाती है जिससे शरीर की गंदगी बाहर निकल जाती है |

http://www.youtube.com/watch?v=-jh9IEzH5SA

5-high surface tention से तनाव बढ़ता है और चीज़ सिकुड़ती है |

low surface tention से तनाव कम होता है और चीज़ खुलती है |

इसलिए अगर गिलास की जगह कम S. T. वाले पपानी पिए तो अधिक स्वास्थ्प्रद होगा |

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