Dr.Sunil Kumar

Homoeopathic physician
Naturopathy,Acupressure,yoga,Herbal & Reiki Consultant For Chronic & Incurable disease

Blog

Rajiv dixit ayurveda episode 5 part 2

Posted by Dr.Sunil Kumar on January 16, 2012 at 9:35 AM

योग एवं आयुर्वेद की श्रृंखला में गतांक से आगे :-

1-जिंदगी भर अगर वात की बीमारियों से बचना है तो शुध्ह तेल खाएं |शुध्ह तेल की पहचान है ,जितना अधिक चिपचिपा एवं गंध युक्त हो |

2-हमारे देश में पहले के ज़माने में खान पान का आधार बहुत वैज्ञानिक था |हर मौसम में खानपान शरीर की प्रकृति के अनुसार होता था ,क्योंकि हमारे शरीर में वात-पित्त -कफ की स्थिति हर मौसम में अलग-अलग होती है |

3-सर्दी के मौसम में :-तिल ,गुड,मूंगफली जैसे गुरुत्व (भारी पदार्थ )अधिक खाना चाहिए |क्योंकि सर्दी में शरीर में पित्त कम होता है और जठराग्नि अधिक तीव्र नहीं होती है |इसीलिए ऐसा भोजन करना चाहिए जो धीरे धीरे पचे और गरिष्ठ हो |

http://www.youtube.com/watch?v=yGS6y0pTamE&feature=related

4-गर्मी के मौसम में :-पित्त अधिक होता है इसलिए हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए |

5-बारिश के मौसम में :-शरीर समभाव में रहता है इसलिए न ज्यादा हल्का और न ज्यादा भरी भोजन करें |इस मौसम में ज्यादा पानी वाला भोजन नहीं करना चाहिए क्योंकि शरीर में पहले से ही नमी अधिक होती है |

6-पित्त की चिकित्सा का सबसे अच्छा उपाय है :-देशी गाय का घी

कफ की चिकित्सा का सबसे अच्छा उपाय है गुड और शहद

Categories: None

Post a Comment

Oops!

Oops, you forgot something.

Oops!

The words you entered did not match the given text. Please try again.

Already a member? Sign In

0 Comments

Recent Videos

1413 views - 0 comments
1426 views - 0 comments
1486 views - 0 comments
1706 views - 0 comments